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23 बार रक्तदान कर युवाओं के लिए प्रेरणा बने आलोक यादव

छुईखदान केसीजी । मानव जीवन अनमोल है, और इसे बचाने से बड़ा कोई पुण्य नहीं। रक्तदान एक ऐसा महान कार्य है, जिससे बिना किसी हानि के जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दिया जा सकता है, इसी सोच के साथ छुईखदान वार्ड क्रमांक 3 निवासी समाजसेवी आलोक यादव (45 वर्ष) ने अब तक 23 बार रक्तदान कर कई लोगों की जान बचाई है और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं,जगन्नाथ सेवा समिति के वैचारिक सहयोगी आलोक यादव को क्षेत्र में “रक्त वीर” के नाम से जाना जाता है,वे हमेशा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने में तत्पर रहते हैं, उनका कहना है कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और इसे केवल एक स्वस्थ व्यक्ति ही दान कर सकता है।

“रक्तदान करें, जीवन बचाएं”

आलोक यादव बताते हैं कि एक यूनिट रक्त से तीन अलग-अलग लोगों की जान बचाई जा सकती है,दुर्घटनाओं, सर्जरी, कैंसर, थैलेसीमिया और प्रसव जैसे मामलों में रक्त की अत्यधिक आवश्यकता होती है, ऐसे समय में रक्तदान किसी के लिए जीवनदान साबित होता है,उन्होंने लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि कई लोग रक्तदान से कमजोरी या स्वास्थ्य पर असर की आशंका से डरते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है, शरीर कुछ ही दिनों में दान किए गए रक्त की पूर्ति कर लेता है, और नियमित रक्तदान से नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण भी होता है।

“रक्तदान करें, जीवन बचाएं।”

आलोक यादव ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे आगे आएं और रक्तदान जैसे पुनीत कार्य में भाग लें। उनका कहना है कि यह ऐसा दान है, जिसमें न पैसा लगता है और न अधिक समय—बस जरूरत होती है,सकारात्मक सोच और मदद की भावना की उन्होंने सभी से आह्वान किया कि समय-समय पर रक्तदान करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, क्योंकि आपका एक छोटा सा कदम किसी के जीवन में बड़ी खुशियां ला सकता है।

रिपोर्टर: राशिद जमाल सिद्दीकी