बहुआयामी शैक्षणिक यात्रा के बाद राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार सफलता
रायगढ़। विधि के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर अधिवक्ता रवि प्रताप मौर्य ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज कराई है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा AIBE-20 (ऑल इंडिया बार एग्ज़ाम) को प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण कर अपनी विधिक दक्षता, अनुशासन और परिश्रम का सशक्त परिचय दिया है।
यह सफलता मात्र एक परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनकी वर्षों की कठिन मेहनत, निरंतर अध्ययन, आत्मसंयम और कानून के प्रति गहरी समझ का प्रतिफल है। उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता रवि प्रताप मौर्य ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक, BJMC (बैचलर ऑफ जर्नलिज़्म एंड मास कम्युनिकेशन), MSW (मास्टर ऑफ सोशल वर्क) एवं LLB जैसी विविध और प्रतिष्ठित डिग्रियाँ प्राप्त करने के पश्चात इस राष्ट्रीय परीक्षा में सफलता हासिल की है, जो उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
AIBE परीक्षा विधि स्नातकों की व्यावसायिक योग्यता, विधिक ज्ञान और न्यायिक समझ का आकलन करने वाली देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा में प्रथम प्रयास में सफलता प्राप्त करना किसी भी नवोदित अधिवक्ता के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि होती है।
इस स्वर्णिम उपलब्धि पर उनके पिता प्रेम नारायण मौर्य एवं माता श्रीमती सुधा मौर्य सहित समस्त परिवारजनों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, गुरुजनों और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से बधाई दी है। सभी ने उनके उज्ज्वल, सम्मानित एवं न्यायप्रिय भविष्य की कामना करते हुए निरंतर प्रगति के लिए आशीर्वाद प्रदान किया है।
अधिवक्ता रवि प्रताप मौर्य की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि विधि क्षेत्र में प्रवेश कर रहे युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के संस्कार, गुरुजनों के मार्गदर्शन तथा शुभचिंतकों के स्नेह और आशीर्वाद को दिया है।निस्संदेह, यह उपलब्धि उनके विधिक जीवन की एक सशक्त शुरुआत है, जो आने वाले समय में न्याय, सत्य और समाजसेवा के पथ पर नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।
